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हरिद्वार में 9 हरे पेड़ों की अवैध कटाई, ज्वालापुर में स्थानीय विरोध, निवासियो ने निकाला पैदल मार्च

एक ओर जहां केंद्र और राज्य सरकारें पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े अभियान चला रही हैं, वहीं दूसरी ओर हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में खुलेआम 9 हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई ने स्थानीय लोगों में नाराजगी को बढ़ा दिया है। बेखौफ तरीके से हुए इस पर्यावरण अपराध के बाद क्षेत्र में रोष फैल गया और शुक्रवार को निवासी सड़कों पर उतर आए। पेड़ों की अवैध कटाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोगों ने पैदल मार्च निकालकर प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। विरोध करने वाले नागरिकों ने कहा कि हरे पेड़ों की इस तरह कटाई पर्यावरण के प्रति गंभीर लापरवाही है और इस मामले को हल्के में लेना खतरनाक होगा। 

विरोध प्रदर्शन में शामिल स्थानीय पार्षद अनुज सिंह ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा— “हरिद्वार में इस तरह की हरकत निंदनीय है। दोषियों पर हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज होना चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।” उन्होंने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कठोर दंड जरूरी है। स्थानीय नागरिकों ने पेड़ों की कटाई को “बहुत गलत” बताते हुए कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों और उनके सहयोगियों को कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई व्यक्ति पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की हिम्मत न करे। घटना के बाद निवासियों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तुरंत जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि ऐसी घटनाओं पर सख्ती नहीं की गई, तो पर्यावरण संरक्षण के सरकारी अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएंगे।