पश्चिम बंगाल के पूर्व बिधाननगर नगर निगम मेयर सब्यसाची दत्ता को मंगलवार को कथित जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद विरोध का सामना करना पड़ा। पुलिस स्टेशन से बाहर ले जाते समय कुछ लोगों ने उन पर अंडे और टमाटर फेंके। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मी जब दत्ता को सुरक्षा घेरे में वाहन तक ले जा रहे थे, तभी वहां मौजूद लोगों ने उन पर अंडे और टमाटर फेंकने शुरू कर दिए। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें घेरकर सुरक्षित वाहन में बैठाया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बिधाननगर नॉर्थ पुलिस ने एक व्यवसायी से कथित तौर पर एक करोड़ रुपये की मांग करने और धमकी देने के आरोप में सब्यसाची दत्ता को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। सब्यसाची दत्ता पश्चिम बंगाल की राजनीति का एक चर्चित चेहरा रहे हैं। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत कांग्रेस से की थी। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हुए और बिधाननगर नगर निगम के पहले मेयर बने। वर्ष 2019 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामा, लेकिन 2021 में फिर टीएमसी में लौट आए।
दत्ता राजारहाट न्यू टाउन से विधायक भी रह चुके हैं। हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उन्होंने बारासात सीट से चुनाव लड़ा था, जहां भाजपा उम्मीदवार शंकर चटर्जी ने उन्हें 34,558 वोटों के अंतर से पराजित किया था। हाल के सप्ताहों में पश्चिम बंगाल में कई राजनीतिक हस्तियों के खिलाफ कार्रवाई देखने को मिली है। विभिन्न मामलों में जांच एजेंसियों ने कई नेताओं और जनप्रतिनिधियों को गिरफ्तार किया है। इसी क्रम में पूर्व टीएमसी विधायक जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल एसटीएफ और दार्जिलिंग पुलिस ने संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया था। वहीं, हल्दिया में कथित नौकरी घोटाले के मामले में टीएमसी नेता तिलक कुमार चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया था।
इसके अलावा, कोलकाता के सुरेंद्रनाथ कॉलेज से जुड़े हथियार मामले में टीएमसी नेता पारितोष दत्ता को भी गिरफ्तार किया गया था। वहीं, कथित राशन चावल बिक्री मामले में पंचायत अधिकारी और टीएमसी नेता राजीव बनर्जी को भी हिरासत में लिया गया था। पुलिस का कहना है कि सभी मामलों की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।