राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में बने भारत मंडपम में 10 जनवरी से विश्व पुस्तक मेला शुरू होने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट की ओर से आयोजित ये मेला 18 जनवरी तक चलेगा। इस साल का संस्करण भारतीय सशस्त्र बलों के साहस, बलिदान और नेतृत्व को समर्पित है। इसका विषय- 'भारतीय सैन्य शक्ति – वीरता और ज्ञान के 75 वर्ष' रखा गया है।
मेले में अलग एक पवेलियन तैयार किया गया है जिसमें भारत के सैन्य इतिहास, प्रमुख अभियानों, महान युद्ध नायकों और राष्ट्र को आकार देने वाले नेताओं को उजागर करने वाली पुस्तकें और तस्वीरें प्रदर्शित की जाएंगी। यहां आने वाले लोगों को युद्ध के दिग्गजों, इतिहासकारों, लेखकों और गुमनाम नायकों के बारे में जानने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा, भारत के राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के 150 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अलग से प्रदर्शनी लगाई गई है। साथ ही भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनके जीवन को प्रदर्शनी के माध्यम से दिखाया गया है। इस साल प्रवेश को मुफ्त रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देखने आ सके। खासकर युवा पाठकों की ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
डिजिटल गैजेट्स के इस युग में मेले का मकसद युवा पीढ़ी को किताबों से फिर से जोड़ना है। पुस्तक मेले में वैश्विक स्तर पर भी मजबूत भागीदारी देखने को मिलेगी, जिसमें 35 से ज्यादा देशों के शामिल होने की उम्मीद है। कतर को इस साल अतिथि और स्पेन को फोकस देश के रूप में नामित किया गया है। विश्व पुस्तक मेले में इस बार डिजिटल रिडींग को भी काफी महत्व दिया गया है, जिसमें कई भारतीय भाषाओं में हजारों ई-बुक्स तक फ्री पहुंच होगी। ये आज के दौर में पढ़ने की बदलती आदतों को दिखाता है।
10 जनवरी से शुरू हो रहा है World Book Fair 2026, एंट्री रहेगी बिल्कुल फ्री
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