Tuesday, September 27, 2022

Lumpy Skin Disease: राजस्थान में 4000 मवेशियों की मौत, 94 हजार से ज्यादा गौवंश संक्रमित



जयपुर: राजस्थान में लम्पी वायरस अपने पैर पसार रहा है. प्रदेश के 16 जिलों में इसका संक्रमण बढ़ गया है. सरकारी आंकड़ो के मुताबिक अब तक इस बीमारी से अब तक 94 हजार से अधिक गौ-वंश संक्रमित पाया गया है. वहीं 4296 पशुओं की मौत हो चुकी हैं. इतना ही नहीं लम्पी बीमारी से प्रदेश के 16 जिलों  में से सर्वाधिक बाड़मेर और श्रीगंगानगर जिले प्रभावित है. जहां पर संभावित 830 से 840 गोवंश की मौत हो चुकी है. इधर राज्य सरकार इस बीमारी को लेकर पशुपालन मंत्री से लेकर मुख्य सचिव तक लम्पी बीमारी की रोकथाम को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है. 

अभी तक सरकारी आंकडों के अनुसार इस बीमारी से सिर्फ गायें ही प्रभावित नजर आ रही है. सरकार ने इस बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेशभर के जिलों की स्थिति की जानकारी मांगी है. राज्य सरकार लम्पी डिजीज का संक्रमण रोकने के लिए एहतियातन कुछ नए कदम उठा सकती है. संक्रमण काल के दौरान राजस्थान में एक राज्य से दूसरे में पशुधन के आवागमन, एक जिले से दूसरे जिलों में पशुधन का आवागमन रोकने के साथ साथ गौशालाओं में संक्रमित गायों को आइसोलेट करने की व्यवस्था शुरू की जा सकती है. राज्य के पंद्रह जिलों में लम्पी वायरस का संक्रमण फैलने के बाद अब सरकार राज्य में पशु मेलों के आयोजन पर भी संक्रमण काल के दौरान रोक लगा सकती है.

जोधपुर,बाडमेर, जैसलमेर, जालौर, पाली, सिरोही, बीकानेर, चूरू, गंगानगर, हनुमानगढ़, अजमेर, नागौर, जयपुर, सीकर, झूंझूंनु, उजयपुर में दस्तक ही नहीं बल्कि बड़ी संख्या में गौ वंश को प्रभावित किया है. अकेले नागौर जिले के कुचामन सिटी में लम्पी ने 187 गौवंश की मौत हुई है.

जानें कहां कितने गौवंश की हुई मौत

जोधपुर-730, बाडमेर-830, जैसलमेर-231, जालौर-580, पाली-60, सिरोही-36, बीकानेर-527, चूरू-33, गंगानगर-840, हनुमानगढ़-53, अजमेर-41, नागौर-90, जयपुर-9, सीकर-1, झूंझूंनु-1, उदयपुर-47

संक्रमण प्रभावित जिलों में अतिरिक्त पशु चिकित्सा अधिकारियों-पशुधन सहायकों की तैनाती की गई है. पशुओं में लम्पी रोग संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार हाई अलर्ट मोड है.

राज्य सरकार ने प्रभावित 16 जिलों में अतिरिक्त पशु चिकित्सा अधिकारियों व पशुधन सहायकों की तैनाती कर दी है. सबसे ज्यादा प्रभावि़त 10 जिलों में 30 पशु चिकित्सक और 103 पशुधन सहायक की अतिरिक्त फोर्स लगाई गई है. संक्रमण वाले जिलों में तुरंत उपचार के लिए दवाओं की सप्लाई के आदेश भी दिए गए हैं. जरूरत के हिसाब से सभी पशु चिकित्सा अधिकारियों को दवा खरीदी के निर्देश के साथ में एक करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया गया है. वहीं प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए 30 अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था की गई है.


 

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