Wednesday, August 10, 2022

इस दिन है सावन दुर्गाष्टमी का व्रत, महादेव के साथ मां दुर्गा की भी मिलती है कृपा



सावन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को सावन दुर्गाष्टमी ने नाम से जाना जाता है. वैसे तो दुर्गाष्टमी हर महीने पड़ती लेकिन सावन मास में पड़ने वाली मासिक दुर्गाष्टमी का शास्त्रों में बेहद महत्व बताया गया है. इस दिन सच्चे मन से व्रत रखने और नियमपूर्वक आराधना करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

इस बार यह शुभ तिथि को 5 अगस्त दिन शुक्रवार को है. इस दिन महादेव के साथ मां दुर्गा की भी पूजा-अर्चना की जाएगी. शास्त्रों में इस दिन का महत्व बताते हुए कुछ उपाय भी बताए गए हैं, जिनके करने से महादेव के साथ मां दुर्गा की भी कृपा मिलती है.

सावन दुर्गाष्टमी पर इस उपाय से घर में रहती है सुख-शांति
सावन मास की दुर्गाष्टमी को अगर 9 कन्याओं को भोजन करा सकें तो यह उत्तम माना जाता है लेकिन अगर ऐसा कर पाना संभव नहीं है तो किसी एक कन्या को घर पर आदरपूर्वक बुलाकर लाल रंग की चुनरी अर्पित करके भोजन कराएं। इसके बाद लाल रंग की सामग्री भेंट करें। इन सामग्री में आप शिक्षा-खेल से संबंधित चीजें, वस्त्र, फल, मिठाई, दक्षिणा, श्रृंगार आदि का सामान अवश्य रखें. ऐसा करने से मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है.

मां लक्ष्मी का मिलता है आशीर्वाद
मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सावन मास की दुर्गाष्टमी तिथि को एक पान का पत्ता लें और उस पर सात गुलाब की पंखुड़ियां रखकर मां दुर्गा को भेंट करें। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि आती हैं और नौकरी व व्यवसाय में उन्नति होती है.

सावन दुर्गाष्टमी पर मां को भेंट करें ये चीजें
दुर्गाष्टमी तिथि को माता के मंदिर जाकर मां को लाल चुनरी में मखाने और बताशे के साथ कुछ सिक्के मिलाकर माता को अर्पित करें. इसके साथ ही आप मालपुए और केसर मिश्रित खीर का भोग लगाएं. इसके बाद सुहागिन महिला को श्रृंगार का सामान भेंट करें. ऐसा करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है और जीवन के सभी कष्ट मां दुर्गा के आशीर्वाद से दूर होते हैं.

महादेव का भी मिलेगा आशीर्वाद
सावन मास की दुर्गाष्टमी तिथि को मां दुर्गा के साथ विधि पूर्वक शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने से मां भगवती के साथ-साथ महादेव का भी आशीर्वाद मिलता है. लेकिन ध्यान रखें कि मां दुर्गा और शिवलिंग की पूजा में तुलसी, दूर्वा, आंवला, मदार आदि फूलों का इस्तेमाल न करें.

सावन दुर्गाष्टमी पर इस तरह करें मां की पूजा
सावन मास की दुर्गाष्टमी तिथि को मां दुर्गा की पूजा करने के लिए लाल रंग के कंबल पर बैठें और मां की ज्योति को आग्नेय कोण में जलाएं. अपना मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर करें और पूजा का सामान दक्षिण-पूर्व दिशा में रखें. इस तरह पूजा करने से सभी मनोकामना पूरी होती हैं और धन-धान्य में वृद्धि होती है.

तुलसी की करें पूजा
शुक्रवार को तुलसी के आस-पास 9 घी के दीपक जलाएं और एक दीपक बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें. इसके बाद सफलता और सौभाग्य की प्रार्थना करें। इसके साथ ही चीटियों को आटे में शक्कर मिलाकर डालें. ऐसा करने से आपके काम में आ रहा अवरोध भी दूर होता है.

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