Friday, September 30, 2022

सितंबर में मनाया जाएगा पोषण माह



पोषक आहार की महत्त्वता और आवश्यकता के बारे में बताते हुए, पीएम मोदी ने रविवार को एलान करा कि सितंबर का महिना  न्यूट्रिशन माह के रुप में मनाया जाएगा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूट्रिशन (पोषण) पर जोर देते हुए कहा है कि  जिस तरह से स्कूलों की क्लास में रिपोर्ट कार्ड बनता है, उसी तरह से न्यूट्रिशियन कार्ड (Nutrition Card) की भी शुरूआत की जाएगी। पीएम ने रविवार को ‘मन की बात’ (Mann Ki Baat) करते हुए देश में न्यूट्रिशन को जनांदोलन बनाने की अपील की।

मोदी ने कहा, हमारे यहां के बच्चे, हमारे विद्यार्थी, अपनी पूरी क्षमता दिखा पाएं, अपना सामर्थ्य दिखा पाएं, इसमें बहुत बड़ी भूमिका न्यूट्रिशन (पोषण) की भी होती है। पूरे देश में सितंबर महीने को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। नेशन और न्यूट्रिशन का बहुत गहरा संबंध होता है। हमारे यहां एक कहावत है -यथा अन्नम तथा मन्नम. यानी जैसा अन्न होता है, वैसा ही हमारा मानसिक और बौद्धिक विकास होता है।

उन्होनें गर्भवती महिला के लिए पोषक आहार की आवश्यकता पर भी बताया कि शिशु को गर्भ में, और बचपन में, जितना अच्छा पोषण मिलता है, उतना अच्छा उसका मानसिक विकास होता है और वो स्वस्थ रहता है. पोषण का मतलब केवल इतना ही नहीं होता है कि आप क्या खा रहे हैं कितना खा रहे हैं, कितनी बार खा रहे हैं। इसका मतलब है कि आपके शरीर को कितने जरूरी पोषक तत्व मिल रहे हैं. आपको आयरन, कैल्सियम, सोडियम मिल रहे हैं या नहीं? विटामिन्स मिल रहे हैं या नहीं. यह सब पोषण के तत्व हैं।

 

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