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यूपी के 2.25 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को मिला नल से शुद्ध पानी, गांवों की बदली तस्वीर

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में घर-घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में जल जीवन मिशन के तहत संचालित हर घर जल योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में अब तक 2 करोड़ 25 लाख से अधिक परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इससे ग्रामीण परिवारों को घर पर ही नल के जरिए शुद्ध पेयजल मिल रहा है। सरकार ने प्रदेश के 2 करोड़ 67 लाख 20 हजार घरों तक ग्रामीण पाइप पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

विंध्य-बुंदेलखंड के नौ जिलों में 98.50 प्रतिशत परिवारों को मिला कनेक्शन

विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के नौ जनपदों में ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं के माध्यम से लक्ष्य के सापेक्ष 98.50 प्रतिशत परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इन क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर काम किया गया है।

वहीं, प्रदेश के अन्य 66 जनपदों में 2,46,21,140 परिवारों को नल कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इसके सापेक्ष अब तक 2,25,81,445 परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन मिल चुका है। शेष परिवारों को भी योजना से जोड़ने के लिए पाइप पेयजल परियोजनाओं का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

38,317 गांवों में हर घर तक पहुंचा नल से जल

हर घर जल योजना के तहत प्रदेश के 38,317 गांवों में शत-प्रतिशत घरों को क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इनमें से 28,309 से अधिक गांवों को संबंधित ग्राम पंचायतों की ओर से हर घर जल प्रमाणित भी किया गया है।

5.20 लाख किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन बिछाई

ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति का नेटवर्क मजबूत करने के लिए प्रदेश में करीब 5.64 लाख किलोमीटर जल वितरण प्रणाली बिछाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके सापेक्ष अब तक 5.20 लाख किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। इसके जरिए गांवों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जा रहा है।

1.16 लाख से अधिक विद्यालयों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था

हर घर जल योजना का लाभ ग्रामीण परिवारों के साथ विद्यालयों तक भी पहुंच रहा है। प्रदेश के 1,16,340 विद्यालयों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इससे स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को स्वच्छ पानी उपलब्ध हो रहा है।

पांच लाख से अधिक महिलाओं को जल गुणवत्ता जांच का प्रशिक्षण

योगी सरकार की ओर से पेयजल की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए पांच लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को पानी की गुणवत्ता जांचने का प्रशिक्षण दिया गया है। इससे गांवों में ही पेयजल की जांच करने की क्षमता विकसित हो रही है। साथ ही, जल प्रबंधन में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर मिला दूसरा पुरस्कार

उत्तर प्रदेश को जल संरक्षण और पेयजल के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। पांचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार में प्रदेश को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप पेयजल नेटवर्क का विस्तार, घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाना, विद्यालयों में स्वच्छ पानी की व्यवस्था और जल गुणवत्ता जांच में सामुदायिक भागीदारी जैसे प्रयास प्रदेश की पेयजल व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं।