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नेपाल में बाढ़ के बाद भारत अलर्ट, किरेन रिजिजू बोले- आपदा से निपटने के लिए तैयारी पूरी

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत के सीमावर्ती इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को लोगों को भरोसा दिलाया कि भारत प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। रिजिजू ने बताया कि अगर नेपाल से आने वाली बाढ़ की लहर गंडक नदी के रास्ते नीचे की ओर बढ़ती है, तो बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ संवेदनशील इलाकों पर असर पड़ सकता है। ऐसे इलाकों में प्रशासन और NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की तैयारियां पहले से की गई हैं।

उन्होंने कहा, “प्रशासन और NDRF की तैयारियां मौजूद हैं। भारत प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए पहले से तैयार रहता है। मुझे लगता है कि हमारी तैयारी अच्छी है। नेपाल में हुई घटना को लेकर हम सभी चिंतित हैं।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताई है और भारत की ओर से हर संभव मदद की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश में जब भी कोई बड़ी त्रासदी होती है, भारत उसके साथ खड़ा रहता है।

नेपाल में भोतेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई अचानक बाढ़ के कारण कम से कम 175 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग लापता हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, बाढ़ के बाद लापता 644 लोगों में 178 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। नेपाल में अचानक आई बाढ़ और नेपाल-चीन सीमा के पास ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की घटना के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ को लेकर तैयारी बढ़ा दी गई है।

NDRF ने दोनों राज्यों में 20 टीमें तैनात की हैं। अधिकारी गंडक नदी के जरिए नेपाल से आने वाले पानी के संभावित असर पर लगातार नजर रख रहे हैं।हालांकि, NDRF के IG नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि भारतीय सीमा वाले इलाकों में अभी तक बाढ़ से किसी तरह के बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। एजेंसियां कुशीनगर और पश्चिम चंपारण जैसे संवेदनशील जिलों में पानी के स्तर और बहाव पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।