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तेलंगाना: महिला आईएएस अधिकारी के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री मामले में तीन पत्रकार हिरासत में

हैदराबाद, 14 जनवरी (भाषा) हैदराबाद में बुधवार को एक तेलुगु न्यूज चैनल के तीन पत्रकारों को एक महिला आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी के खिलाफ कथित तौर पर मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करने के आरोप में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि तीन पत्रकारों को 'गिरफ्तार' किया गया है। दोनों दलों ने सरकार की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की।

तेलंगाना के आईएएस अधिकारी संघ की शिकायत के बाद कुछ समाचार चैनल और अन्य मीडिया संस्थानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। शिकायत में इन मीडिया संस्थानों पर एक महिला आईएएस अधिकारी के बारे में 'झूठी, मनगढ़ंत और निराधार सामग्री प्रकाशित और प्रसारित करने' का गंभीर आरोप लगाया गया है।

तीन पत्रकारों को गिरफ्तार किए जाने की खबरों पर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'उन्हें (तीनों पत्रकारों को) केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया।'

इस मामले की गहन जांच के लिए तेलंगाना पुलिस ने 12 जनवरी को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था।

बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं त्योहार के दौरान तीन पत्रकारों की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करता हूं।'

उन्होंने कहा, 'तेलंगाना में कांग्रेस का शासन मुझे हर बार आपातकाल के दिनों की याद दिलाता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक पत्रकारों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करने पर आमादा हैं।'

राव ने गिरफ्तार किए गए पत्रकारों को तुरंत रिहा करने की मांग की है।

उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, 'इनमें से कोई भी धारा गैर-जमानती नहीं है, फिर तेलंगाना पुलिस ने आधी रात को इन गिरफ्तारियों के जरिए पत्रकारों और उनके परिवारों को आतंकित करने का फैसला क्यों किया? मैं तेलंगाना के डीजीपी से अनुरोध करता हूं कि उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करें...।।'

बीआरएस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने भी पत्रकारों को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा की तथा पत्रकारों को तुरंत रिहा करने की मांग की है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने भी पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे तेलंगाना में प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर 'सीधा और खतरनाक हमला' करार दिया।

भाषा प्रचेता अविनाश

अविनाश