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चिट्टा तस्करी के आरोपियों के लिए पंचायत चुनाव लड़ना प्रतिबंधित होगा: हिमाचल प्रदेश के मंत्री

शिमला, 14 जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बुधवार को कहा कि जिन लोगों के खिलाफ चिट्टा की तस्करी के मामले दर्ज हैं, उन्हें पंचायत चुनाव लड़ने से रोका जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में जल्द ही एक अधिसूचना जारी की जाएगी।

चिट्टा (डायएसिटाइलमॉर्फीन) अत्यंत खतरनाक और जानलेवा नशीला पदार्थ है। इसकी अधिक मात्रा लेने से मृत्यु भी हो सकती है। चिट्टा की एक ग्राम मात्रा की कीमत 4,000 से 7,000 रुपये के बीच होती है।

मंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि जिन लोगों के खिलाफ चिट्टा की तस्करी और बिक्री के मामले दर्ज हैं, उन्हें आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही यह मुद्दा मंत्रिमंडल की बैठक में उठाया जाएगा ताकि संबंधित कानून में आवश्यक संशोधन किए जा सकें।

सिंह ने बताया, ‘‘राज्य सरकार के पास उन सरकारी कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड है जो चिट्टा का सेवन करते हैं या इसकी तस्करी में लिप्त हैं। उन्हें नौकरी से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।’’

उन्होंने कहा कि चिट्टा के धंधे में कथित संलिप्तता के कारण 11 पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है, और ऐसे अन्य सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

सिंह ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि न केवल नशे के व्यापार में शामिल अपराधियों को बल्कि उनके परिवारों को भी परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने बताया कि कानूनी कार्रवाई के अलावा चिट्टा से अर्जित धन से खरीदी गई संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा।

भाषा आशीष खारी

खारी