असम में गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर के कपाट चार दिनों तक बंद रहने के बाद गुरुवार को दोबारा खोल दिए गए। ये सालाना अंबुबाची मेले के खत्म होने का प्रतीक है। ये मेला हर साल जून के महीने में चार दिनों तक आयोजित किया जाता है। इस दौरान मंदिर के कपाट बंद रहते हैं। ये मेला मां कामाख्या के सालाना रजस्वला काल का प्रतीक माना जाता है।
मंदिर के कपाट 'प्रवृत्ति' के प्रतीक के तौर पर बंद किए जाते हैं और 'निवृत्ति' को बताने के लिए फिर से खोल दिए जाते हैं। 'प्रवृत्ति' देवी कामाख्या के मासिक धर्म की शुरुआत का जबकि निवृत्ति इसके खत्म होने का प्रतीक माना जाता है। मंदिर गुरुवार तड़के तीन बजकर 19 मिनट पर दोबारा खोल दिया गया। इसी के साथ पवित्र अवधि का समापन हो गया।
देवी कामाख्या के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु इसे एक गहन आध्यात्मिक और अनोखा अनुभव बताते हैं। अंबुबाची मेला प्रजनन क्षमता और दिव्य स्त्री ऊर्जा का उत्सव मनाता है। ये देश के सबसे पवित्र शक्तिपीठों में से एक है जहां हर साल लाखों श्रद्धालु देवी कामाख्या के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।