Jammu and Kashmir: जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में बाबा चामलियाल की दरगाह पर गुरुवार सुबह सालाना मेले की आधिकारिक शुरुआत हुई। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से कुछ दूरी पर स्थित ये दरगाह धार्मिक महत्व रखती है और हर साल यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लंबे वक्त से चली आ रही परंपरा के तहत, पहली चादर सीमा सुरक्षा बल की तरफ से दरगाह में चढ़ाई गई।
मंदिर समिति ने लोगों से बड़ी संख्या में मेले में आने और बाबा चामलियाल का आशीर्वाद लेने की अपील की। 2018 तक शांति और सौहार्द की मिसाल के तौर पर बाबा चामलियाल की दरगाह पर चढ़ाने के लिए पाकिस्तान की ओर से चादर भेंट की जाती थी जबकि यहां की पवित्र मिट्टी और पानी को सीमा पार भेजा जाता था।
हालांकि कूटनैतिक और सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं की वजह से ये परंपरा फिलहाल स्थगित है। इस साल मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में भी जानकारी दी जाएगी।