मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र में राजनीतिक दल के एक पदाधिकारी पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने महज दस घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह हमला राजनीतिक द्वेष और आपसी रंजिश के चलते कराया गया था। इस वारदात का मुख्य आरोपी उसी राजनीतिक दल का निष्कासित कार्यकर्ता था। वहीं इस पूरे मामले में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की गई है।
घटना बुधवार की है, जब एक राजनीतिक पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य संजय हरित पूठा रोड से होते हुए अपने कार्यालय जा रहे थे। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार युवकों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में संजय हरित बाल-बाल बच गए, हालांकि गोलियों से उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई।
इस मामले में पुलिस ने सागर ,शुभम और सुभान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में सागर ने बताया कि वह भी संबंधित पार्टी में कार्यकर्ता रह चुका है। उसका आरोप है कि संजय हरित द्वारा सार्वजनिक रूप से अपमान किए जाने, पार्टी में उपेक्षा और बाद में निष्कासन से वह नाराज था। सागर ने ये भी बताया कि एक पार्टी का कार्यक्रम हुआ था जिसमें उसको नहीं बुलाया गया। जिसके बाद वह पार्टी के कार्यक्रम में पहुंचा तो उसको संजय के द्वारा मंच से नीचे धकेल दिया गया और उसको पार्टी से भी निकाल दिया गया। जिसका वीडियो भी वायरल किया गया जिससे वह नाराज था। इसी रंजिश में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर फायरिंग की साजिश रची। एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनकी जांच की जा रही है। फिलहाल तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।