मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी को लेकर विवाद जारी है. आए दिन इस मामले को लेकर नए नए खुलासे हो रहे हैं. तमाम छात्र संगठनों के साथ ही कई राजनीतिक दल भी नीट पेपर को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. देश के कई राज्यों में स्टूडेंट्स विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. 24 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स वाली प्रवेश परीक्षा कई अनियमितताओं के आरोपों की वजह से विवाद का केंद्र बन गई है. इस बीच पेपर में हुई गड़बड़ियों की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है वहीं मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है जहां कोर्ट लगातार इस मामले की सुनवाई कर रही है.
- चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच इस मामले में 40 से ज्यादा याचिकाओं पर लगातार सुनवाई कर रही है.
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नीट-यूजी, 2024 की सुचिता प्रभावित हुई है. हालांकि, कोर्ट ने प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है
- चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप हमें संतुष्ट करिए कि पेपर लीक बड़े पैमाने पर हुआ और परीक्षा रद्द होनी चाहिए. दूसरी इस मामले में जांच की दिशा क्या होनी चाहिए वो भी हमें बताएं.
- सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से यह भी कहा कि अगर आप हमारे सामने यह साबित कर देते हैं कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई तभी दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया जा सकता है.