मानसून का बेसब्री से इंतजार हो रहा है, लेकिन देश के कई इलाकों को बारिश के लिए थोड़ा ज्यादा इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि मॉनसून देश के बड़े हिस्सों में दस्तक दे चुका है, लेकिन हाल के दिनों में इसकी रफ्तार धीमी हो गई है।
मौसम के जानकारों का कहना है कि मानसून की रफ्तार धीमी होने की वजह मौसम का अनुकूल न होना है। इस वजह से, मानसून के 23 जून के बाद ही आगे बढ़ने की उम्मीद है।
हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ की वजह से दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बादल छाने, कहीं-कहीं आंधी-तूफान आने और बूंदाबांदी के आसार हैं। इससे गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।
चार से 18 जून के बीच देश में 41 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई। जहां जून के आखिर में मानसून पहुंचता था, वहां उसके जुलाई के पहले हफ्ते में पहुंचने की संभावना है। लिहाजा रिमझिम बूंदों का लुत्फ उठाने के लिए इंतजार की घड़ियां कुछ लंबी हो सकती हैं।
देश के कई हिस्सों में देरी से मानसून पहुंचने के आसार, मौसम विभाग ने जताया पूर्वानुमान
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