छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में पुलिस को आज एक बड़ी कामयाबी मिली जब 22 नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। यह सरेंडर “नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सुकमा जिले के एसपी किरण चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि सरेंडर करने वालों में कई वर्षों से सक्रिय नक्सली भी शामिल हैं, जिन पर विभिन्न हिंसक वारदातों में शामिल होने के आरोप थे। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में कुछ महिला नक्सली भी हैं।
इन नक्सलियों ने शासन की पुनर्वास नीति, CRPF और स्थानीय पुलिस द्वारा चलाए जा रहे आत्मसमर्पण अभियान, और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की इच्छा के चलते हथियार छोड़ने का निर्णय लिया। कुछ नक्सलियों ने बताया कि जंगलों में जीवन कठिन हो गया था और नेतृत्व के रवैये से वे असंतुष्ट थे। सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, शिक्षा, और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। जिन नक्सलियों पर इनाम घोषित था, उन्हें नीति के अनुसार अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे। सुकमा के जिला कलेक्टर ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह विकास क्षेत्र में शांति स्थापना की दिशा में बड़ा संकेत है। उन्होंने स्थानीय युवाओं से अपील की कि वे हिंसा छोड़कर शिक्षा और विकास की राह चुनें।